Problem Solution after marriage
After marriage शादी के बाद

महिलाओ मे होने वाली विमारी मे शादी के वाद कई नये तरह की विमारी जूूूङ जाती है। इसका कारण नये परिवेश के अनुुरूप शारीरिक देखभाल की विशेष आवश्यकता होती है। समान्य लोग स्वभाव बस सामान्य आवश्यकता की पुर्ती करके अपना काम चला लेते है। वदले परिस्थिती के अनुरूप हमारे दिनचार्या में भी वदलाव होना चाहिए।

एक सामान्य प्रयोजन के तहत नियमित समय पर भोजन का नहींं लेेेेना।इसका कारण परिवारीक व्यवस्था को परिवर्तित नहीं करते या उस व्यवस्था का हिस्सा वन जाते है। हमारे अंदर विभिन्न प्रकार की कमी एक जटिल रूप में समायोजित होते रहता है। जिसका हमें बहूूत देर से पता चलता है। लेकिन इसका दुसप्रभाव हमारे दैनिक जिवन की खुशी पर परता है

  • काम मे मन का नही लगना
  • भूूूख की कमी
  • कमजोरी
  • गैस का बनना
  • अनिच्छा
  • चिङचिङा स्वभाव का होना

नियमित जिवन के विभिन्न पहलुओ को विश्लेषण करके एक प्रायोगिक हल के साथ यदि आपका आनेवाला कल बेहतर होगा।इसके लिए आपको बेहतर जाँच की आवश्यकता होगी जिसके तहत आपको संतुलित,व्यवस्थित, तथा व्यहारीक पहलुओ के साथ वेहतर सामायोजन वन सके। आपका दिनचार्या थोङी सी सावधानी से वेेेेहतर वन सकता है। यह तभी संभव है,जब कोई आपके वारे मेें पुरी डाटा संकलित करके आपको विचार देे। हमारे यहाँ इस तरह की व्यवस्था है। जिसमेे आपको आवश्यकता के अनुरूप व्यवस्थित किया जाता है।आप अपने सिमित साधन मे भी वेेेेहतर जीवन यापन कर सकते हैैै।इसके लिए आपको हमारे नियमित जाँँच की व्यवस्था से जूुुुङना पङेगा।

विचार भ्रमण

  • लोग मुझे प्यार नहीं करते।
  • मेरे साथ ही ऐसा क्योंं होता है।
  • मेेेेरा संयोग ही खराब है।

व्यवस्था वियोग

हम उस व्यवस्था का हिस्सा वन जाते हैै जिसका हमेें पुर्वानुमान नहीं होता है। व्यवस्था के स्वरूप के यथोचित बदलाव की समुचित जानकारी का आभाव। एक वह व्यक्ति जो आपके वारे में नियमित परिवर्तन की डाटा रखता हैै आपको होनेवाली वीमारी के प्रती सावधान कर सकता है।

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