MEDICINE

मेडिसिन

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मेडिसिन, medicine for study

मेडिसिन बर्तमान समय मे मानव के लिए यह एक बरदान के समान है, जो हमारे खुशियो को बनाये रखने मे अपना बहुमुल्य स्थान रखता है। प्राचीन काल से ही मानव ने प्रकृति के साथ जिना सिख लिया था, लेकिन उस समय का प्रकृतिक की व्यवस्था और आज के व्यवस्था मे बहुत अंतर आ गया है। आज हमलोग कृतिम जिवन को ज्यादा महत्व देने लगे है, जिसके कारण कई नई प्रकार की बिमारीयों का सामना हमे करना परता है। होमियो पैथिक मेडिसिन हमारे लिए एक बिषेश स्थान रखता है, क्योकि यह एक प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है। यह हमारे रोग के साथ-साथ हमारे शरीर के प्रतीरोधक क्षमता को भी बनाये रखने मे कारगर है।

यह हमारे जिवन का बहुत ही महत्वपुर्ण पहलु बन गया है। इसके बिना शांति की कल्पना ब्यर्थ है। हम चाहे अनचाहे इनकी शरण मे चले जाते है। इसके ईस्तेमाल से हमे आशा बन्धती है। मनुष्य के अलावा यह सुविधा अन्य जिवों को प्राप्त नही है। अन्य जिव अपनी समस्या निदान के लिए पुर्णतः प्राकृति पर निर्भर है, जबकि मानव प्रकृति से श्रेष्ठतम बिकल्प चुनकर अपना सामाधान ढ़ढने मे सक्षम है।

मानव आदिकाल से ही दवा का उपयोग करता आ रहा है, लेकिन उस समय उनका दवा पुर्णतः प्राकृतिक होता था। जबकि आजकल हमारे पास कई बिकल्प मौजुद है। बिकल्पों के इस दौर मे रोज नये आयाम जु़ड़ते चले आ रहे है तथा हमारा प्रयास अनबरत जारी है। होमियो पैथिक चिकित्सा बिधि इन्हीं बिकल्पों मे से एक है, जो हमारे बिमारी के उपचार के लिए जरुरी उपाय मे से एक है।

बिज्ञान ने हमारे ज्ञान की सिमा को लगातार बढ़ाने का कार्य कर रहा है। लेकिन हम जितना समस्या सुलझा लेते है, समय के साथ वह उतना ही उलझता चला जाता है। वातावरण के साथ लगातार हमारा समायोजन चलता रहता है अतः हम संतुलन की अवस्था मे लगातार बने रहते है। हमारी आंतरिक व्यवस्था मे बदलाव के कारण हम बिमार को प्राप्त होते है। आंतरिक बदलाव मानसिक तथा शारीरिक दोनो स्तर पर होता है। मानसिक के लिए आजकल खुश रहने की सलाह दी जाती है। कहा जाता है कि यह सबसे बड़ी दवा है। नाकारात्मक बिचार को अपने पास आने से रोकें जिससे की आपका आंतरिक वातावरण का संतुलन सही रहे।

एक बार यदी संतुलन बिगड़ गया तो बाहर से दवा की जरुरता पड़ती है। जो शरीर के अंदर की व्यवस्था को सही करे। इसके लिए कई के ईलाज की पद्दति प्रचलित है। हम अपने सुविधा तथा जानकारी के अनुसार इसका उपयोग करते है। हम आपने जानकारी के लिए भी बिभिन्न प्राकार के माध्यम से जुड़े हुए है। सही जानकारी सही समय पर यदि प्राप्त हो जाये तो कहा जाता है कि आपको दवा से ज्यादा दुआ काम आ गया।

जो बिद्यार्थि मेडिकल कॉलेजो मे अध्यनरत है, या जो होमियो पैथिक के प्रति अपनी रुची रखते है वे लोग अपनी सुविधा के अनुसार अपना अध्ययन सामाग्रि खोज लेते है। आजकल कई बिकल्प बाजार मे उपलब्ध है। हम यहाँ पर चित्रवत रुप मे होमियोपैथिक दवा का सारांश प्रस्तुत कर रहे है। आशा है आपलोग इसको सराहेंगे।

    Hompeopathic Medicine

  1. Sabadilla   सावाडिला
  2. Sabal Serrulata, सबल सेरुलाटा

लेखक एवं प्रषकः-  डॉ अमर नाथ साहु

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