Adarsh Homoeo Clinic.com Festival World eye donation day

World eye donation day

| | 0 Comments | 3:25 pm
विश्व नेत्रदान दिवस

विश्व नेत्र दान दिवस

विज्ञान की इस आधुनिक युग मे मानव ने इतनी प्रगती कर ली है कि आँखो के गहनतम जानकारी के साथ बिमारी को सही करने की उच्चतम क्षमता को हासिल कर लिया है। लेकिन दुसरी ओर प्राकृतिक बदलाव ने मानव के आँख को लगातार प्रभावित कर रहा है। इससे कई तरह की नयी विमारी का प्रचलन भी शुरु हो गया है इससे लगातार आँख की रोशनी कम हो रही है। बड़े तो बड़े बच्चे भी आँख की विमारी से प्रभावित हो रहे है।

मोबाईल की क्रांति ने भी मानव नेत्र को बहुत प्रभावित किया है जिससे की लागातर आँख के रोगी बढ़ते जा रहे है। इसके लिए जन जागरण की जरुरत है जिससे की आँख की सही देखभाल हो सके और विकाश की वास्तविक स्वरुप को प्राप्त किया जा सके। आँख पर हर आधा से एक घंटे बाद पानी के छींटे लेना चाहिए जिससे की आँख के तनाव कम हो और आँख के जलन को भी कम किया जा सके।

आँख की बढ़ती समस्या के बीच कुछ ऐसे भी व्यक्ति है जो किसी कारणवस अपना आँख गवां चुके है या उनके आँख की रोशनी जा चुकी है या रोशनी जाने वाली है या जन्मजात आँख के रोशनी नही है। ऐसे रोगी को भी अब देखने के लिए मौका मिलने वाला है क्योकी आधुनिक शोध ने बहुत प्रगति कर ली है और लगातार शोध से उम्मीद बढ़ती जा रही है।

आँख मे विशेष कर आईवॉल के खराब होने की शिकायत रहती है तो इसके इलाज के लिए आँख के आईवॉंल को बदल दिया जाता है तो आँख फिर से देखने लगती है। इस प्रक्रिया को करने के लिए एक स्वस्थ्य आँख की जरुरत होती है। इसके लिए आई बैंक बनाया गया है जिसमे आँख दान देने वाले को नामांकित किया जाता है और उसके मृत्यू के बाद आँख को निकाल कर उस बैंक में रखा जाता है और जरुरतमंद लोगो को समय आने पर इसको लगा दिया था।

आई दान देने के लिए जनजागरुकता की जरुरत है जिससे की लोगो को पता चले की आँख दान देने से किसी की जीवन में रोशनी मिल जाती है और वह उसकी आँखो से नयी दुनीया को देख सकते है। जबकि मरने वाले की आँखे मृत्यू के बाद स्वतः ही समाप्त हो जाती है। मरने वोलों की आँखो को निकालने के बाद उस व्यक्ति को कोई प्रभाव नही परता है क्योकि उसकी मृत्यू तो पहले ही हो चुकी होती है। जबकि आँखे 4 से 6 घंटे तक जिवित रहती है। ऑख के एक भाग कॉर्निया का प्रयोग नेत्रदान के लिए किया जाता है।

 1 बर्ष से लेकरके 75-80 वर्ष या उससे अधिक उम्र तक के बुजुर्ग भी नेत्रदान कर सकते है। कॉर्निया प्रत्यारोपन के लिए 2 से 70 वर्ष के दाताओं की आँखों को सबसे उत्तम माना जाता है। हेपेटाईटिस बी/सी, ब्लड कैंसर, रेबीज या किसी संक्रम्राक बीमारी से पीड़ीत व्यक्ति की आँखे नहीं ली जाती है। आँख निकालने के लिए मृत्यू के छह घंटे के भीतर आई बैंक को सूचित करना परता है। 15 – 20 मिनट लगता है आँख निकालने में और इससे चेहरे पर कोई विकृती भी नहीं आती है। डायबेटीचीज, बीपी, अस्थमा एवं मोतियीबिंद के ऑपरेशन करवा चुके लोग भी आँख दान कर सकते है।

विश्व नेत्रदान दान दिवस आधुनिक मानव को एक संदेश देने के लिए खास दिन रखा गया है जिससे की इसके प्रति समय बद्ध तरीके सो लोगो तक जागरुकता पहुँचाया जा सके।

लेखक एवं प्रेषकः डॉ अमर नाथ साहु

संबंधित लेख को जुरुर पढ़ेः-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

विश्व रक्तदाता दिवस

विश्व रक्तदाता दिवसविश्व रक्तदाता दिवस

विश्व रक्तदाता दिवस World blood donor day रक्त को संयोजी उत्तक के रुप मे जाना जाता है। यह धमनी और शीरा के माध्यम से प्रत्येक कोशिका तक आवश्यक तत्व का

सस्टेनेवल गेस्ट्रोलोजी डे

सस्टेनेबल गेस्ट्रोनोमी डेसस्टेनेबल गेस्ट्रोनोमी डे

सस्टेनेबल गेस्ट्रोनोमी डे आजकल के भोज्य पादार्थ मे बिबिधता आ गई है। लोग भाती-भाती के भोजन करने लगे है। बैज्ञानिकी जानकारी के संक्षिप्त अध्ययन के बाद ही उसके खाने के

रंगहीनता

AlbinismAlbinism

   यह एक जीन आधारित बिमारी है। इसमे त्वचा का रंग सफेद हो जाता है। जिससे व्यक्ति को कई तरह की पऱेशानी का सामना करना परता है। यह बिमारी अनुवंशकी