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विश्व सोग्रेन दिवस

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विश्व सोग्रेन दिवस

स्जोग्रेन सिंड्रोम एक दिर्धकालिक ऑटोईम्यून बीमारी है। इसमे शरीर की रक्षा प्रणाली उस ग्रंथी पर हमला कारती है जो मुंह और आंखों मे नमी यानी आँसू और लार पैदा करती है। इसकी शुरुआत स्विडिस  नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ हेनरिक स्जोग्रेन के नाम पर हुई थी। जिन्होने 1933 मे पहली बार इसका वर्णन किया। इसका लक्षण है आँख मे सुखापन और मुंह का सूखना, लम्बे समय तक थकान, जोड़ो मे दर्द आदि। यह अधिकतर 40 से अधिक बर्षो कि महिलाओं को प्रभावित करती है। मुंह मे सुखापन के कारण बोलने और चबाने मे कठीनाई होती है। इसके एलौपैथिक उपचार मे इम्यून को दबाने वाली दवाई दी जाती है जिससे की इस समस्या का निदान किया हो सके। जबकि होमियोपैथिक मे इसका उपचार लक्षण के आधार पर किया जाता है। जो इम्यून को भी सही करने के लिए कार्य करता है।

इस तरह की बीमारी जीवनशैली मे बदलाव, तनाव और हार्मोनल बदलाव के कारण होती है। ऐसा माना जाता है कि यदी किसी के परिवार मे ऑटोइम्यून बीमारी मे रुमेटिड गठीया और थाइरायड जैसे बीमारी है तो इसका खतरा उनके आने वाले संतान मे रहती है। चुकी हार्मोनल परिवर्तन महीला मे ज्यादा रहता है इस लिए ये बीमारी महीलोओं मे ज्यादा देखने को मिलती है। इसके आलावा बैक्टीरीया, वाईरस या किसी जहरीले रसायण के संपर्क मे आने से प्रतिरक्षा प्रणली अतिसक्रिय हो सकती है तो वह अपने ही उत्तको पर हमला कर सकती है। जिससे इस तरह की समस्या का समाना करना परता है।

बीमारी की समय से पहचान होने और शुरुआती लक्षण के आते ही दवा के उपयोग शुरु करने से इस तरह की बीमारी को हद तक रोका जा सकता है। रोगी को समय से उत्तम व्यवस्था के साथ जीने की कला का भी अभ्यास हो जाता है। जिससे उनको कम तकलीफ का सामना करना परता है। होमीयोपैथिक मे यदि बीमारी शुरुआत मे ही समझ लिया जाय तो इसका इलाज संभव है क्योकी शरीर को प्रभावित करने वाली शुक्ष्म तंत्र पर दवा कार्य करती है और रोगी को ठीक करती है। इसके लिए विश्वास के साथ कार्य को करने की जरुरत है। बीमारी की बारीकी बात को समझना होता है। एक ही बीमारी अलग-अलग लोगो मे कुछ अलग तरह के लक्षण दिखा सकता है जिससे की उस बीमारी के आंतरिक प्रतिरोध को समझान आसान होता है।

इलाज को समय के साथ जुगरुकता भी जरुरी है। 23 जुलाई का दिन खास तौर पर इसके जाकरुकता के लिए मनाया जा रहा है जिससे की लोगो को समय के साथ जानकारी हो तो वे अपना बचाव कर सकते है। समय के साथ जानकारी बहुत लाभकारी होता है। इस जानकारी की चर्चा अपनो से करे और दुसरों के लाभ पहुँचाये।

लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु

संबंधित लेक को जरुर पढ़ेः-

  • एलर्जी का ईलाज समय से कराये तो अन्य बीमारीयां कम हो सकती है।
  • सिकल सेल की बीमारी को शुरुआती जानकारी जरुरी है।
  • रक्तदान करने से कीसी की जान बच सकती है।
  • ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती इलाज मे होमियोपैथिक दवा कारगर है।

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