Adarsh Homoeo Clinic.com Festival भ्रूणविज्ञानी दिवस

भ्रूणविज्ञानी दिवस

| | 0 Comments | 1:52 am
World Embryologist Day

भ्रूण का विकास एक प्राकृतिक घटना है। विज्ञान के विकास ने इस क्षेत्र मे अतुलनीय सफलता हासिल की है। अविकसित अंडे को विकसित करने के लिए हार्मोन के स्तर को बढ़ाना और उसका नियंत्रण करना। इसके बाद विकसित अंडे को साबधानी पुर्वक बाहर निकलना एक चनौती पुर्ण था। इसके बाद शुक्राणु को सुरक्षित रखना और एक कृत्रिण बातावरण में टेस्ट्यूव मे निशेचित करना काफी कठीन कार्य है। गर्भ के अंदर के बातावरण, तापमान और रासयनिक प्रतिक्रिया को सही रुप से करने की चुनौती का समाधान करना बहुत बड़ी सफलता है।

कृत्रिम गर्भाधान ने जानवरों के लिए भी लाभकारी सावित हुआ है। जहां पर एक स्वस्थ्य सिमेन की जुरुरत होती थी वही पर परंपरागत तरीके से गर्भाधान करने से पशु के उत्तम नश्ल का विकास नही हो पा रहा था। इस तकनीक के विकास के बाद ये संभव हुआ है। जिससे की पशुधन के विकास की सफलता हासिल हुई है। प्रति व्यक्ति दुध की उत्पादकता मे बृद्धी हुई है।

कृत्रिक प्रतिक्रया से खच्चर का विकास किया गया जो मादा घोड़े और नर गदहा को मिलाकर बनाया गया है। जो की प्राकृतिक तरीके से बनाना संभव नही है। जरुरत के हिसाब से ये वहुत ही सफल है लेकिन इसमें प्रजनन की क्षमता नही होती है। इसके लिए प्रयास जारी है। भ्रूण के विकास की इस कार्य को और गहराई मिले इसके लिए शोध के प्रति वैज्ञानिक का झुकाव बढ़े और लोगो की जागरुकता भी बढ़े इसके लिए खास दिन का चुनाव किया गया है।

लोगो की उत्सुकता के बाद शोध का बल मिलता है जिससे की शोध में तेजी आती है और लोग इसका लाभ भी उठाते है। इसलिए इस तकनीक के बिकास के लिए एक खास दिन 25 जुलाई को चुना गया है। इसका लाभ उठाने के लिए लोग जागरुक हो और लाभार्थी बने साथ में भ्रुण बैज्ञानिक की भी अभिरुची बढे इसकी हम सराहना करते है।

लेखक एवं प्रेषकः डॉ अमर नाथ साहु

संबंधित लेख को जरुर पढ़ेः-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

विश्व सोग्रेन दिवस

विश्व सोग्रेन दिवसविश्व सोग्रेन दिवस

विश्व सोग्रेन दिवस (World Sjogren’s Day) स्जोग्रेन सिंड्रोम एक दिर्धकालिक ऑटोईम्यून बीमारी है। इसमे शरीर की रक्षा प्रणाली उस ग्रंथी पर हमला कारती है जो मुंह और आंखों मे नमी

रंगहीनता

AlbinismAlbinism

   यह एक जीन आधारित बिमारी है। इसमे त्वचा का रंग सफेद हो जाता है। जिससे व्यक्ति को कई तरह की पऱेशानी का सामना करना परता है। यह बिमारी अनुवंशकी

राष्ट्रीय गर्भवस्था और शिशु मृत्यु स्मरण दिवस

राष्ट्रीय गर्भवस्था और शिशु मृत्यु स्मरण दिवसराष्ट्रीय गर्भवस्था और शिशु मृत्यु स्मरण दिवस

राष्ट्रीय गर्भवस्था और शिशु मृत्यु स्मरण दिवस ( National Pregnancy and Infant Loss Awareness Day) शिशु मृत्यू दर को कम करने मे सफलता तो मिली है लेकिन अभी भी इसमे