गंजे होने की आजादी दिवस
गंजे होने की आजादी दिवस(Be Bald and Be free Day)
गंजापन की समस्या से परेशान लोगों के दिल मे खुशी जगाने की सुदृढ़ व्यस्था की कमी के कारण लोग हीन भावना का शिकार हो रहे है। गंजेपन की समस्या सर के ऊपर से बाल की लगातार कमी होने के कारण से होती है। बाल घटते-घटते सर पुरी तरह से चमदार हो जाता है। सर के ऊपरी त्वचा पर पाये जाने वाले हेयर फोलिकिल की ब्लड सप्लाई धिरे-धिरे कम हो जाती है। जिससे कारण हेयर फोलिकिल निष्क्रिय हो जाता है। हेयर फोलिकिल मे होने वाले संक्रमण को नियंत्रित नही कर पाने के कारण समस्या बड़ी होने लगती है। समस्या को यदी शुरुआत मे ही नियंत्रित कर लिया जाय तो गंजापन की समस्या से निजात पाया जा सकता है।
बाल का पतला होना, कमजोर होना, न्यूट्रीशन की कमी होने जैसे शिकायत के कारण ऐसा होता है। बदलते खान-पान की शैली और पार्यावरण की समस्या कारण ये बीमारी तेजी से फैल रहा है। इसको नियंत्रित करने के लिए शुद्ध भोजन के साथ पार्यवरण की व्यवस्था को सही करने की जरुरत है जिससे की इस समस्या से निजात पाया जा सके। बाल की समस्या के लिए भोजन का सही से पाचन होना जरुरी होता है। यदी भोजन का पाचन लम्बे समय से सही से नही होता है तो बाल की समस्या आने लगती है। पाचन की कमी के कारण आंतरिक प्रतिरक्षा प्रणाली कम हो जाती है। जिससे संक्रमण की समस्या बहुत बढ़ जाती है। संक्रमण की समस्या के कारण बाल कि शिकायत होती है।
बाल की जड़ के सही से समाप्त हो जाने के कारण सर सफेद और दमकदार लगने लगता है। सर मे खुजली का होना दाग धब्बे बनना, रुसी का बनना सामिल है। यदि गंजापन के शिकार लोग हो जाते है तो उनके अंदर हीन भावना के आने से बचने के लिए 14 अक्टूबर का दिन को खास बनाया गया है। इस तरह के भावना से ऊपर उठने और समाज मे सम्मान पाने के लिए और आत्मविश्वास बढाने के लिए इसको खास बनाया गया है। मन मे उत्साह से हीन भावना के प्रति नजरीया बदल जाता है। समाज मे दुसरे विचार के लोगो को भी इस तरह के विचार का सामना करना परता है।
लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु
संबंधित लेख को जरुर पढ़ेः-
- विश्व दृष्टी दिवस पर दृष्टि के बचाव के लिए उपाय करने की जरुरत है।
- कॉफी के उपयोग और उसके प्रभाव को समझने की जरुरत है।
- ह्रदय की बीमारी के प्रति सावधान रहने की जरुरत है।
- वधिर के लिए सम्मान के साथ जीने की जरुरत है।
