Adarsh Homoeo Clinic.com Festival विश्व रजोनिवृति दिवस

विश्व रजोनिवृति दिवस

विश्व रजनोबृति दिवस

युवावस्था के बाद का समय बृद्धावस्था का आता है। महिलाओं मे इसकी शुरुआत होते ही मासिक धर्म का आना बंद हो जाता है। इसके बंद होने से महिला के शरीर में हार्मोलन का असंतुलन होने लगता है। इसका ख्याल रखना होता है। इस समय को सही से नही ख्याल रखने पर कई तरह की बीमारीयां हो जाती है। हाथ पैर मे जलन, घात कि शिकायत, कमर दर्द, सर दर्द के साथ गर्भाशय मे गांठ बनने की भी सिकायत देखने को मिलती है।

जब मासिक बंद होने लगता है तो यह उम्र 45-55 वर्ष के आसपास होता है। कुछ लोगो को तो 45 पर ही यह प्रक्रिया शुरु हो जाती है। खानपान का इसपर भी प्रभाव परने लगा है। बढ़ती उम्र के साथ विटामिल प्रोटीन और कैलसियम की दवा का समय-समय पर लेना जरुरी होता है जिससे की शरीर की आंतरिक संरचना को सही से ठीक किया जा सके। शरीर मे होने वाले किसी भी बदलाव के लिए होमियोपैथिक दवा बहुत कारगर है।

रजनोबृति के बाद महिला पुरी तरह से शारीरिक रुप से शिथिलता के तरफ बढने लगती है। इसके लिए खानपान को सही रखने की जरुरत होती है। शुरुआत मे समान्य गड़बरी के आते ही अच्छी तरह से इलाज की जरुरत होती है जससे की बीमारी को पुरी तरह से ठीक किया जा सके। 16 अक्टूबर का खास दिन इसी विषय की जानकारी रखने और रजनोबृति के बाद भी स्वस्थ्य जीवन बीताने के लिए प्रेरित करने के उदेश्य से इसको खास बनाया गया है।

लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु

संबंधित लेख को जरुर पढ़ेः

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Post

विश्व रोगी सुरक्षा दिवस

विश्व रोगी सुरक्षा दिवसविश्व रोगी सुरक्षा दिवस

रोग ग्रस्त व्यक्ती का जीवन दुसरे के सहयोग पर क्रियाशील रहता है जिससे वो खुद के लिए होने वाली परेशानी से मानसिक रुप से द्वन्ध करता रहता है। रोगी को

विश्व बाल चिकित्सा अस्थि और जोड़ दिवस

विश्व बाल चिकित्सा अस्थि और जोड़ दिवसविश्व बाल चिकित्सा अस्थि और जोड़ दिवस

विश्व बाल चिकित्सा अस्थि और जोड़ दिवस ( World Paediatrics Bone and Joint Day ) नवजात शिशु और बच्चो मे 270 से 300 हड्डी होती है जबकि बड़ो में 206