राष्ट्रीय ट्राईजेमिनल न्यूराल्जिया जागरुकता दिवस

राष्ट्रीय ट्राईजेमिनल न्यूराल्जिया जागरुकता दिवस
( National Trigeminal Neuralgia Awareness Day)
हमारे मस्तिष्क से निकलने वाली पांचवी क्रेनियल नर्भ है जो चेहरे की सेवदनाओं और चबाने की क्रिया को नियंत्रित करती है। यह चेहरे आंख नाक दांत मसूंढ़ा और जबड़े से संबेदना जैसे दर्द, स्पर्श, ठंढ़ी, गर्मी तथा दवाव को मस्तिष्क तक पहुँचाती है। यह खाना जबाने वाली मांसपेशियां को भी नियंत्रित करती है जिससे खाना खाते और बोलते है।
इसकी तीन शाखायें होती है। पहला ऑप्थेलमिक डिवीजन यह ऑख, नाक और माथे के ऊपरी हिस्से की संवेदन को मस्तिष्क तक ले जाती है।
दुसरा मैक्सिलरी डिविजन, यह गाल ऊपड़ी जबड़े ऊपरी दांत और ओठों के आसपास की संबेदना को मस्तिष्क तक ले जाती है।
और तिसरा मेडिबूलर डिविजन, यह निचले जबड़े और जबाने वाली मांसपेशियों के कार्यो को नियंत्रित करती है।
इस बीमारी मे अचानक बिजली के झटके जैसा या सूई चूभने जैसा दर्द होता है जो बात करने चेहरा धोने, दांत ब्रस करने या हल्की हवा लगने से भी उत्तजेति हो जाता है।
इस तरह की बीमारी के कई कारण है पहला यदि जब मस्तिष्क के आधार के पास को धमनी या शिरा ट्राईजेमिनल तंत्रिका पर दवाव डालती है तो तंत्रिका का सुरक्षात्मक परत घिस जाती है जिसके कारण ये अतिसंबेदनशील हो जाती है जिससे दर्द की परेशानी होने लगती है।
अन्य कारण में मल्टिपल स्केलरोसिस होता है। इसके कारण तंत्रिका की सुरक्षत्मक परत खुद वो खुद नष्ट होने लगती है जिससे दर्द महसूस होता है। ट्यूमर या सिस्ट के कारण भी इस तरह की परेशानी होती है। चोट सर्जरी या साईनस सर्जरी के कारण भी तंत्रिका के सुरक्षात्मक परत को हानी पुहँचती है तो परेशानी होती है। कई बार तो बैध कारण मालूम नही होता है और इस तरह की परेशानी होती है।
तंत्रिता तंत्र के ऊपरी परते के धिसने तथा इसकी सुरक्षात्मक परत यानी की माईलिन शिथ को धिसने से होने वाली भायानक दर्द को कम करने के लिए जानकारी वाले कारण को कम करने की कोशीश होनी चाहिए। जिससे की इस तरह की परेशानी से छुटकारा पाया जा सके।
07 अक्टूबर का खास दिन इस विचार को मंथन करने और जन समान्य को जागरुक करने के उदेश्य से इस दिन को खास बनाया गया है। जानकारी होने से शुरुआत मे ही इस तरह की परेशानी को कम किया जा सकता है और समान्य जीवन को जिया जा सकता है।
लेखक एवं प्रेषकः अमर नाथ साहु
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